Quick Guide

मध्यप्रदेश में ULPIN कैसे पता करें

अपनी जमीन का 14 अंकों का यूनिक कोड (ULPIN) कहां मिलेगा और कैसे निकालें, यह जानने के लिए यह गाइड पढ़ें। ULPIN को “भू-आधार” भी कहा जाता है।

1. ULPIN क्या है

ULPIN (Unique Land Parcel Identification Number) एक 14-अंकीय अल्फान्यूमेरिक कोड है, जो देश के हर सर्वे किए गए भूखंड को दिया जाता है। इसे “भू-आधार” भी कहा जाता है, क्योंकि यह ठीक आधार कार्ड की तरह हर प्लॉट की एक स्थायी, अनोखी पहचान बनाता है।

यह कोड जमीन के भौगोलिक निर्देशांक (देशांतर और अक्षांश) से बनता है, यानी यह उस जमीन के ठीक उसी टुकड़े से जुड़ा रहता है, चाहे मालिक बदल जाए या नाम की स्पेलिंग में गड़बड़ी हो। यह भारत सरकार के डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स मॉडर्नाइज़ेशन प्रोग्राम (DILRMP) के तहत जारी किया जाता है।

2. ULPIN क्यों जरूरी है

  • एक ही नाम या सर्वे नंबर से होने वाली गड़बड़ी और दोहरी रजिस्ट्री जैसी धोखाधड़ी को रोकता है।
  • सरकारी योजनाओं प्रोसेसिंग के दौरान तेजी से मालिकाना हक सत्यापित करने के लिए ULPIN का इस्तेमाल करते हैं।
  • राज्य बदलने या रिकॉर्ड अलग-अलग विभागों में होने पर भी जमीन की पहचान एक जैसी बनी रहती है।
  • PM किसान और अन्य कृषि योजनाओं में सत्यापन के लिए भी अब ULPIN मांगा जाने लगा है।

3. अपनी खतौनी से ULPIN कैसे निकालें

अगर आपकी जमीन का सर्वे और जियो-रेफरेंसिंग हो चुका है, तो ULPIN पहले से आपकी खतौनी में दर्ज होता है। इसे निकालने का तरीका यह है:

  1. पोर्टल खोलें: webgis2.mpbhulekh.gov.in पर जाएं और “भू-अभिलेख” चुनें।
  2. अपनी जमीन खोजें: जिला, तहसील, ग्राम चुनकर भूमिस्वामी नाम, सर्वे/ब्लॉक संख्या या प्लॉट संख्या से अपना रिकॉर्ड खोजें।
  3. रिकॉर्ड खोलें: “विवरण देखें” पर क्लिक करने के बाद खुले भूमि विवरण पृष्ठ पर ULPIN या “यूनिक ID” वाला फील्ड देखें।
  4. कोड नोट करें: वहां दिखाई गई 14 अंकों की संख्या आपका ULPIN है। इसे सुरक्षित रख लें, आगे प्रमाणित प्रति या अन्य सेवाओं में यही इस्तेमाल होगा।
एमपी भूलेख रिकॉर्ड में ULPIN कहां दिखता है
webgis2.mpbhulekh.gov.in पर भूमि विवरण में ULPIN फील्ड

4. अगर ULPIN फील्ड खाली दिखे तो क्या करें

ध्यान दें: अगर आपकी जमीन का जियो-रेफरेंस्ड सर्वे अभी पूरा नहीं हुआ है, तो ULPIN फील्ड खाली दिख सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत घबराने की जरूरत नहीं, कुछ भूखंडों के लिए यह प्रक्रिया अभी भी चल रही है।
  • अपने क्षेत्र के पटवारी या तहसील कार्यालय से अपने भूखंड की सर्वे स्थिति के बारे में पूछें।
  • कुछ दिन बाद दोबारा पोर्टल पर रिकॉर्ड चेक करें, क्योंकि सर्वे और जियो-रेफरेंसिंग का काम चरणबद्ध तरीके से चल रहा है।
  • अगर तुरंत जरूरत हो (जैसे लोन के लिए), तो तहसील कार्यालय में लिखित आवेदन देकर स्थिति की पुष्टि करा सकते हैं।

5. ULPIN मिलने के बाद इसे कहां इस्तेमाल करें

एक बार आपका ULPIN मिल जाए, तो इसे पोर्टल की कई सेवाओं में सीधे इस्तेमाल किया जा सकता है, जैसे प्रमाणित (डिजिटल हस्ताक्षरित) प्रति डाउनलोड करना, या बिना जिला-तहसील-ग्राम बार-बार चुने अपनी जमीन जल्दी खोजना। यह भूखंड की सबसे सटीक और स्थायी पहचान है, इसलिए जहां भी संभव हो, नाम या सर्वे नंबर की जगह ULPIN का इस्तेमाल करें।

6. सहायता कहां से लें

ULPIN फील्ड खाली दिखे, गलत लगे, या रिकॉर्ड में कोई विसंगति हो, तो इन आधिकारिक माध्यमों से संपर्क करें।

संपर्क माध्यमविवरण
टोल फ्री हेल्पलाइन18002030311
लैंडलाइन0751-2441200 (CLRM कार्यालय, ग्वालियर)
ईमेलclrgwa@mp.nic.in