बिहार जमाबंदी पंजी-II कैसे देखें
अपनी जमीन का मालिकाना रिकॉर्ड (जमाबंदी पंजी-II) घर बैठे ऑनलाइन देखें। यह सेवा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के आधिकारिक पोर्टल biharbhumi.bihar.gov.in पर पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध है।
1. जमाबंदी पंजी-II क्या है
जमाबंदी पंजी-II, जिसे Register-II भी कहते हैं, बिहार में जमीन के मालिकाना हक का सबसे मुख्य दस्तावेज है। इसमें रैयत (भू-स्वामी) का नाम, खाता संख्या, खेसरा संख्या, जमीन का रकबा (क्षेत्रफल) और लगान की जानकारी दर्ज होती है, किसी विवाद में यह रिकॉर्ड सबसे जरूरी माना जाता है।
2. शुरू करने से पहले क्या चाहिए
- अपना जिला, अंचल, हल्का और मौजा (गांव) का नाम।
- रैयत का नाम, खाता संख्या, प्लॉट (खेसरा) नंबर, या जमाबंदी संख्या — इनमें से कोई एक जानकारी।
- इंटरनेट कनेक्शन वाला मोबाइल या कंप्यूटर। जमाबंदी देखने के लिए लॉगिन की जरूरत नहीं है।
3. जमाबंदी पंजी-II देखने की पूरी प्रक्रिया
- पोर्टल खोलें: आधिकारिक वेबसाइट biharbhumi.bihar.gov.in पर जाएं।
- जमाबंदी विकल्प चुनें: होमपेज पर “जमाबंदी पंजी देखें” पर क्लिक करें। इससे आप “पंजी-II प्रतिवेदन” पेज पर पहुंच जाएंगे।
- जिला और अंचल चुनें: अपना जिला और अंचल चुनकर “Proceed” बटन पर क्लिक करें।
- हल्का और मौजा चुनें: अब हल्का और मौजा (गांव) ड्रॉप-डाउन से चुनें।
- खोज का तरीका चुनें: अपनी सुविधा के अनुसार इनमें से कोई एक विकल्प चुनें:
- रैयत का नाम से खोजें
- खाता नंबर से खोजें
- प्लॉट नंबर से खोजें
- जमाबंदी संख्या से खोजें
- कंप्यूटरीकृत जमाबंदी संख्या से खोजें
- समस्त पंजी-2 को नाम के अनुसार देखें
- सुरक्षा कोड भरें: दिखाए गए सुरक्षा कोड (जैसे जोड़ का सवाल 5+5) का जवाब भरें।
- सर्च करें: “Search” बटन पर क्लिक करें। आपकी जमाबंदी पंजी-II का विवरण स्क्रीन पर आ जाएगा।
- देखें और प्रिंट करें: रिकॉर्ड में रैयत का नाम, खाता-खेसरा और रकबा देखें। प्रिंट आइकन से इसे डाउनलोड या प्रिंट कर सकते हैं।
4. जमाबंदी 22 भाषाओं में देखें
बिहार भूमि पोर्टल की एक खास सुविधा यह है कि जमाबंदी पंजी को भारत की सभी 22 अनुसूचित भाषाओं में भी देखा जा सकता है। इसके लिए होमपेज पर “जमाबंदी पंजी देखें (भारत की सभी 22 भाषाओं में)” वाला अलग विकल्प उपलब्ध है। यह उन लोगों के लिए उपयोगी है जो हिंदी के अलावा किसी दूसरी भाषा में रिकॉर्ड पढ़ना चाहते हैं।
5. जमाबंदी क्यों जरूरी है
- जमीन खरीदने से पहले असली मालिक और रकबे की पुष्टि के लिए।
- सरकारी कार्यों के आवेदन में स्वामित्व प्रमाण के रूप में।
- दाखिल-खारिज (म्युटेशन) से पहले मौजूदा रिकॉर्ड जांचने के लिए।
- जमीन से जुड़े किसी विवाद या कोर्ट केस में सबूत के तौर पर।
6. सहायता कहां से लें
जमाबंदी न मिले, रिकॉर्ड में गलती दिखे, या पोर्टल पर कोई दिक्कत आए, तो इन आधिकारिक माध्यमों से संपर्क करें।
| संपर्क माध्यम | विवरण |
|---|---|
| टोल फ्री हेल्पलाइन | 1800-345-6215 |
| जन शिकायत | पोर्टल पर जन शिकायत विकल्प से दर्ज करें |
| अंचल कार्यालय | अपने क्षेत्र के अंचलाधिकारी (CO) से संपर्क करें |