मध्य प्रदेश भूमि रिकॉर्ड

MP भूलेख WebGIS 2.0 खसरा, B1 खतौनी और भू नक्शा गाइड

मध्य प्रदेश में जमीन का रिकॉर्ड अब आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन के नए WebGIS 2.0 पोर्टल पर मिलता है। यह गाइड आपको बताती है कि खसरा, B1 खतौनी और भू नक्शा कैसे देखें, कौन सी सेवा मुफ्त है व कौन सी लॉगिन के बाद, और प्रमाणित प्रति कैसे लें। सारी जानकारी आधिकारिक webgis2.mpbhulekh.gov.in पर आधारित है।

पहले यह उलझन दूर करें: पुराना बनाम नया पोर्टल

जुलाई 2025 में मध्य प्रदेश ने अपना भूलेख पोर्टल WebGIS 2.0 पर अपग्रेड किया। बहुत से लोग अब भी पुराने mpbhulekh.gov.in पते पर जाते हैं और रिडायरेक्ट का इंतजार करते हैं। सीधा तरीका यह है कि नए पते webgis2.mpbhulekh.gov.in पर ही जाएं। यह आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन, मध्य प्रदेश का आधिकारिक पोर्टल है, जहां भूमि अभिलेखों की जानकारी रियल टाइम आधार पर अपडेट होती है।

B1 खतौनी क्या है और क्यों जरूरी है

मध्य प्रदेश में “B1” शब्द बहुत सुनने को मिलता है। यह समझना जरूरी है कि यह असल में है क्या।

B1 का मतलब

B1 किसी एक भू-स्वामी की उस गाँव में मौजूद सभी जमीनों की समेकित सूची है। अगर किसी व्यक्ति के गाँव में पांच अलग-अलग प्लॉट हैं, तो B1 खतौनी उन पांचों को एक साथ, क्षेत्रफल और स्वामित्व सहित दिखाती है।

कब काम आती है

जमीन की कानूनी स्थिति जांचने, और स्वामित्व के प्रमाण के रूप में B1 अक्सर मांगी जाती है। कई मामलों में यह मालिकाना हक का मान्य सबूत मानी जाती है।

ध्यान दें: सरकारी काम के लिए साधारण B1 काफी नहीं होती, आपको डिजिटल हस्ताक्षरित (प्रमाणित) B1 चाहिए होती है, जो लॉगिन और भुगतान के बाद मिलती है।

पोर्टल पर उपलब्ध मुख्य सेवाएं

आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन पोर्टल पर आप बिना लॉगिन के भूमि रिकॉर्ड देख सकते हैं, लेकिन प्रमाणित प्रतिलिपि और कुछ सेवाओं के लिए पंजीकरण और शुल्क जरूरी है।

बिना लॉगिन (देखने के लिए)
  • भूमि रिकॉर्ड (खसरा/खतौनी) खोजना
  • ग्रामवार पार्सल मानचित्र देखना
  • आबादी अधिकार अभिलेख
  • व्यवहार न्यायालय प्रकरण देखना
  • भूमि बंधक/हाइपोथिकेशन जानकारी
  • RCMS आदेश और ट्रांज़ैक्शन विवरण
पंजीकरण/लॉगिन के बाद
  • प्रमाणित खसरा, खतौनी और नक्शा प्रतिलिपि
  • रिकॉर्ड रूम स्कैन दस्तावेज की प्रमाणित प्रति
  • राजस्व न्यायालय आदेश की प्रमाणित प्रति
  • भूमि राजस्व का भुगतान
  • भूमि उपयोग डायवर्सन (व्यपवर्तन) आवेदन
  • भूमिस्वामी आधार eKYC

खसरा/खतौनी कैसे देखें (चरण-दर-चरण)

साधारण खसरा-खतौनी देखना मुफ्त है और लॉगिन के बिना webgis2.mpbhulekh.gov.in पर उपलब्ध है।

चरण
क्या करें
1. पोर्टल खोलें
webgis2.mpbhulekh.gov.in पर जाएं
2. भू-अभिलेख चुनें
होमपेज पर “भू-अभिलेख” विकल्प पर क्लिक करें
3. हाँ पर क्लिक करें
“क्या आप खसरा के लिए भूमि रिकॉर्ड खोजना चाहते हैं?” के नीचे “हाँ” चुनें
4. जगह चुनें
जिला, तहसील और ग्राम (या LGD कोड) चुनें
5. खोज का तरीका चुनें
भूमिस्वामी का नाम, सर्वे/ब्लॉक संख्या, या प्लॉट संख्या में से एक चुनें
6. विवरण देखें
कैप्चा भरकर “विवरण देखें” पर क्लिक करें, आपका भूमि रिकॉर्ड स्क्रीन पर दिखेगा

भूखंड खोजने के लिए भूखंड ID, ULPIN या भूमिस्वामी समग्र संख्या का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यह साधारण प्रति सिर्फ जानकारी के लिए होती है।

डिजिटल हस्ताक्षरित (प्रमाणित) प्रति और ULPIN

कानूनी कामों के लिए डिजिटल हस्ताक्षरित प्रति जरूरी होती है। इसके लिए पोर्टल पर पंजीकरण और लॉगिन अनिवार्य है।

चरण
क्या करें
1. पंजीकरण करें
पोर्टल पर “पंजीकरण” से पब्लिक यूजर के रूप में रजिस्टर करें
2. साइन इन करें
लॉगिन ID, पासवर्ड और कैप्चा भरकर साइन इन करें
3. भू-अभिलेख खोलें
“भू-अभिलेख” में दूसरे सवाल “क्या आप चालू एवं पिछले वर्ष की डिजिटल हस्ताक्षरित खसरा प्रतिलिपि चाहते हैं?” पर “हाँ” चुनें
4. जमीन खोजें
ULPIN, भूखंड ID या समग्र संख्या डालकर अपना रिकॉर्ड खोजें
5. भुगतान और डाउनलोड
प्रतिलिपि का प्रकार चुनें, शुल्क का भुगतान करें, प्रमाणित प्रति डाउनलोड करें
ULPIN क्या है: ULPIN (अद्वितीय भूमि भूखंड पहचान संख्या) एक 14-अंकीय अल्फान्यूमेरिक यूनिक आईडी है, जो हर भूखंड के देशांतर और अक्षांश (latitude/longitude) निर्देशांक पर आधारित होती है। यह हर प्लॉट की एकदम पक्की और अलग पहचान करती है।

भू नक्शा कैसे देखें

webgis2.mpbhulekh.gov.in पर “भू-भाग नक्शा” पर क्लिक करें, फिर “क्या आप ग्रामवार पार्सल मानचित्र देखना चाहते हैं?” के नीचे “हाँ” चुनें। इसके बाद जिला, तहसील और ग्राम चुनकर नक्शा देखें। नक्शे की प्रमाणित प्रति लेने के लिए दूसरा विकल्प चुनें, जिसके लिए लॉगिन और शुल्क जरूरी है।

अभिलेखागार दस्तावेज़ (स्कैन) कैसे देखें

पुराने बंदोबस्त और रिकॉर्ड रूम के स्कैन किए गए दस्तावेज भी पोर्टल पर उपलब्ध हैं, जो पुरानी जमीन की जानकारी के लिए उपयोगी हैं।

चरण
क्या करें
1. विकल्प चुनें
होमपेज पर “अभिलेखागार दस्तावेज़ (स्कैन)” पर क्लिक करें
2. जानकारी भरें
जिला, तहसील, ग्राम, अभिलेख का प्रकार, खसरा नंबर और पृष्ठ क्रमांक भरें
3. विवरण देखें
कैप्चा भरकर “विवरण देखें” पर क्लिक करें, स्कैन रिकॉर्ड स्क्रीन पर दिखेगा
4. प्रमाणित प्रति
प्रमाणित स्कैन प्रति के लिए लॉगिन करके शुल्क भुगतान करें

ऑनलाइन शिकायत कैसे दर्ज करें

अगर रिकॉर्ड में कोई गलती हो या पोर्टल पर समस्या आए, तो टॉप मेन्यू में “शिकायत” विकल्प से सीधे शिकायत दर्ज की जा सकती है और उसकी स्थिति ट्रैक की जा सकती है।

चरण
क्या करें
1. शिकायत खोलें
पोर्टल के टॉप मेन्यू में “शिकायत” विकल्प पर क्लिक करें
2. जानकारी भरें
अपना नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल भरें
3. समस्या बताएं
समस्या का प्रकार और विवरण भरें, साथ में जिला, तहसील, ग्राम और खसरा नंबर दें
4. दस्तावेज अपलोड करें
समस्या से जुड़े जरूरी दस्तावेज अपलोड करें
5. सबमिट और ट्रैक करें
मोबाइल वेरिफिकेशन के बाद शिकायत सबमिट करें, फिर बाद में स्थिति ट्रैक करें

फीस की जानकारी

सेवा
शुल्क
साधारण खसरा/खतौनी/B1 देखना
निःशुल्क
ग्रामवार भू नक्शा देखना
निःशुल्क
डिजिटल हस्ताक्षरित खसरा/खतौनी
सशुल्क
प्रमाणित भू नक्शा प्रतिलिपि
सशुल्क

प्रमाणित प्रति के लिए पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी है। सटीक शुल्क रिकॉर्ड और सेवा के अनुसार बदलता है, इसलिए भुगतान से पहले पोर्टल पर शुल्क जरूर देखें।

सहायता कहां से लें

पोर्टल पर तकनीकी दिक्कत या रिकॉर्ड में गलती के लिए इन आधिकारिक माध्यमों से संपर्क करें।

टोल फ्री हेल्पलाइन
18002030311

आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन, मध्य प्रदेश।

लैंडलाइन
0751-2441200

CLRM कार्यालय, ग्वालियर।

ईमेल

तकनीकी और पोर्टल संबंधी सहायता।

कार्यालय: राजस्व भवन, नाका चन्द्रबदनी, नीडम रोड, ग्वालियर (मध्य प्रदेश) 474009। रिकॉर्ड में गलती के लिए पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें, या अपने क्षेत्र के पटवारी/तहसील कार्यालय से संपर्क करें।