उत्तर प्रदेश में अंश निर्धारण (खतौनी में नाम व हिस्सा सुधार) कैसे कराएं
खतौनी में अपना सही हिस्सा दर्ज कराएं या नाम की गलती सुधारें। यह प्रक्रिया आधिकारिक upbhulekh.gov.in/ansh/ पोर्टल पर उपलब्ध है।
1. अंश निर्धारण क्या है
खतौनी में “अंश” का मतलब है आपकी जमीन का सटीक हिस्सा। जब एक ही गाटा संख्या या खेत पर कई सह-खातेदारों (जैसे भाइयों) के नाम दर्ज होते हैं, तो अक्सर आधिकारिक रिकॉर्ड में यह साफ नहीं होता कि किसका कितना हिस्सा है। इसका आधिकारिक निर्धारण ही अंश निर्धारण (Share Determination) कहलाता है।
अगर खतौनी में केवल नाम की स्पेलिंग, पिता के नाम, या रकबे (क्षेत्रफल) में गलती हो, तो वह एक अलग, सरल सुधार है, जिसे नाम/अंक सुधार कहा जाता है।
2. संबंधित कानूनी धाराएं
आवेदन करते समय सही धारा का उल्लेख जरूरी है, क्योंकि हर तरह की समस्या के लिए अलग प्रावधान है।
| समस्या | धारा | विवरण |
|---|---|---|
| हिस्सा बंटवारा | धारा 116 | संयुक्त खाते में अपना हिस्सा और नाम पूरी तरह अलग (Partition) कराने के लिए। |
| नाम/अंक सुधार | धारा 38 | खतौनी में वर्तनी, पिता के नाम, या रकबे की गलती सुधारने के लिए। |
| सीमा विवाद | धारा 24 | जमीन की पैमाइश, नाप-जोख और मेड़बंदी से जुड़े विवादों के लिए। |
3. जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र।
- पुरानी खतौनी की नकल।
- मूल बैनामा (रजिस्ट्री की कॉपी), अगर जमीन खरीदी गई हो।
- विरासत का मामला होने पर वारिस/विरासत प्रमाण पत्र (Succession Certificate)।
- परिवार रजिस्टर की नकल — पूर्वजों के नाम की गलती सुधारने के लिए यह सबसे विश्वसनीय दस्तावेज माना जाता है।
4. ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया
- पोर्टल खोलें: सीधे अंश निर्धारण पोर्टल upbhulekh.gov.in/ansh/ पर जाएं, या upbhulekh.gov.in होमपेज से नीचे स्क्रॉल करके “खतौनी अंश निर्धारण की आवेदन प्रणाली” विकल्प चुनें।
- OTP से लॉगिन करें: अपना चालू मोबाइल नंबर दर्ज करें और प्राप्त OTP से लॉगिन करें, फिर अपनी सामान्य जानकारी भरें।
- जमीन खोजें: अपना जनपद, तहसील और गाँव चुनें, फिर खसरा संख्या, खाता संख्या या कंप्यूटरीकृत कोड डालकर अपनी जमीन खोजें।
- कारण चुनें: ड्रॉप-डाउन मेनू से सही कारण चुनें, जैसे विरासत, आपसी बंटवारा, या हालिया खरीद-बिक्री।
- दस्तावेज अपलोड करें: पहचान पत्र, पुरानी खतौनी, रजिस्ट्री की कॉपी या वारिस प्रमाण पत्र स्कैन करके PDF में अपलोड करें।
- सबमिट करें: सारी जानकारी दोबारा जांचकर “सबमिट” बटन पर क्लिक करें। स्क्रीन पर मिली आवेदन संख्या को सुरक्षित नोट कर लें।
- सत्यापन और अपडेट: आवेदन आपके क्षेत्र के लेखपाल और कानूनगो के पास भेजा जाएगा। भौतिक सत्यापन के बाद तहसीलदार इसे डिजिटल रूप से सत्यापित करेंगे, और आपकी खतौनी ऑनलाइन अपडेट हो जाएगी।
5. तहसील में ऑफलाइन आवेदन (पारंपरिक तरीका)
- आवेदन दें: संबंधित तहसील के तहसीलदार न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करें।
- राजस्व जांच: तहसीलदार क्षेत्र के लेखपाल को जांच का आदेश देते हैं। लेखपाल वंशावली और मौके की स्थिति देखकर अपनी रिपोर्ट कानूनगो के माध्यम से कोर्ट भेजता है।
- सुनवाई और आदेश: अगर किसी सह-खातेदार को आपत्ति न हो, तो तहसीलदार अंश निर्धारण का अंतिम आदेश पारित कर देते हैं।
6. आवेदन की स्थिति कैसे जांचें
- राजस्व न्यायालय के मुख्य पोर्टल vaad.up.nic.in पर जाएं।
- “वाद खोजें” विकल्प पर क्लिक करके अपने आवेदन नंबर (वाद संख्या) या नाम से केस की वर्तमान स्थिति देखें।
- आदेश पारित होने के बाद upbhulekh.gov.in पर जाकर अपनी नई कंप्यूटरीकृत खतौनी जांचें और डाउनलोड करें।
7. कितना समय लगता है
अगर लेखपाल की आख्या (रिपोर्ट) और जमा किए गए दस्तावेज पूरी तरह सही हैं, तो सामान्यतः तहसीलदार न्यायालय से 45 से 90 दिनों के भीतर संशोधन का आदेश पारित हो जाता है। अधूरे दस्तावेज देरी का सबसे बड़ा कारण होते हैं।
8. सहायता कहां से लें
अंश निर्धारण या नाम सुधार से जुड़ी किसी भी दिक्कत के लिए इन माध्यमों से संपर्क करें।
| संपर्क माध्यम | विवरण |
|---|---|
| CM हेल्पलाइन | 1076 (24 घंटे, निःशुल्क) |
| ईमेल | bhulekh-up@gov.in |
| लैंडलाइन | 0522-2217145 (राजस्व मंडल, लखनऊ) |